
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। सिद्धार्थनगर: बानगंगा नदी में नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन, जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश।।
शनिवार 17 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
सिद्धार्थनगर।। जनपद के शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र अंतर्गत बानगंगा बैराज के पास बालू पट्टाधारकों द्वारा एनजीटी (NGT) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला प्रकाश में आया है। नदी के अस्तित्व से खिलवाड़ करते हुए पट्टाधारक मशीनों के जरिए नदी का सीना चीर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जांच टीम गठित कर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
⭐नदी के बीचों-बीच चल रही हैं मशीनें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बानगंगा नदी में बालू पट्टाधारकों द्वारा अवैध तरीके से नदी की जलधारा के बीचों-बीच जेसीबी (JCB) मशीनों का उपयोग कर खनन किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक नदी की धारा को बाधित करना या मशीन से खनन करना प्रतिबंधित है, लेकिन यहाँ पट्टाधारक बेखौफ होकर खनन कार्य में जुटे हैं।

⭐पट्टा कहीं और, खनन कहीं और
सूत्रों का दावा है कि पट्टाधारकों को खनन के लिए जो स्थान आवंटित किया गया है, वहां के बजाय दूसरे स्थानों पर अवैध रूप से बालू निकाली जा रही है। इस हेरफेर से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि राजस्व को भी भारी चपत लगाई जा रही है। स्थानीय लोगों में इस मनमानी को लेकर भारी रोष है।
⭐जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान, गठित की जांच टीम
अवैध खनन की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तत्काल एक्शन लिया है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया है।
“मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। एडीएम (न्यायिक) की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी हाल में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
— शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी
प्रशासनिक सख्ती से हड़कंप
जिलाधिकारी के कड़े रुख के बाद खनन माफियाओं और पट्टाधारकों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि जांच टीम की रिपोर्ट के बाद प्रशासन इन नियम तोड़ने वालों पर कितनी सख्त कार्रवाई करता है।










